पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का निधन भारत सरकार द्वारा 7 दिनों के लिए राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया - Bihari karezza - Khabre Bihar Ki

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सोमवार, 31 अगस्त 2020

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का निधन भारत सरकार द्वारा 7 दिनों के लिए राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का निधन हो गया कई दिनों से वो वेंटीलेटर पे थे। फेफड़े में संक्रमण का इलाज चल रहा था। उनकी क्रोना जांच पॉजिटिव आयी थी तब से उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ पूर्व राष्ट्रपति के पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने उनके निधन की खबर ट्वीट कर दी। वह 84 वर्ष के थे राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का जन्म 11 दिसम्बर 1935 में बंगाल के वीरभूम जिले में हुआ।। सरकार की तरफ से 7 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।


Former president Pranab mukherjee

राजनीति से पहले क्लर्क और शिक्षक बनकर अपनी सेवा दी

 1963 में  उन्होंने कलकत्ता के पोस्ट और टेलीग्राफ ऑफिस में अपर डिवीज़न क्लर्क रहे। उसके बाद विद्यानगर कॉलेज में शिक्षक के रूप में अपनी सेवा दी। उन्होंने एक मैगजीन में पत्रकार के रूप में भी कार्य किये।


1969 में राजनीति में रखा कदम

1969 में उन्होंने कांग्रेस जॉइन किया और उसी साल राज्यसभा सदस्य बने। वह 1975, 1981,1993 और 1999 में राज्यसभा सदस्य के लिए चुने गए। इसके अलावा 1973 में इंद्रा गांधी के सरकार में मंत्री, 1984 में इंद्रा गांधी के सरकार में वित्त मंत्री, 1991 में योजना आयोग के उपाध्यक्ष,1995 में नरसिम्हा राव सरकार में विदेश मंत्री, 2004 में लोकसभा सांसद, 2004 में यूपीए-1 सरकार में रक्षा मंत्री 2006 में इसी सरकार में विदेश मंत्री, 2009 में यूपीए-2 सरकार में वित्त मंत्री बने ,  25 जुलाई 2012 में भारत के 13वें राष्ट्रपति बने और 25 जुलाई 2017 में राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म हुआ। 


किताबों के शौकीन थे

उन्हें किताब पढ़ना अच्छा लगता था। वह किताब पढ़ने के बहुत शौकीन थे। उन्होंने मिडटर्म पोल,बियोंड सरवाइवल,इमर्जिंग डाइमेंशंस ऑफ इंडियन इकॉनमी जैसे किताबें लिखी।


एक सर्वे में देश के सबसे अच्छे वित्त मंत्री

1984 में हुए एक सर्वे के अनुसार वह देश के सबसे उत्कृष्ट वित्त मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने ने राजनीतिक विज्ञान से ग्रेजुएशन की और कानून कि भी पढ़ाई की थी। 26 जनवरी 2019 को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वह इस सम्मान को पाने वाले पांचवे राष्ट्रपति बने थे। उन से पहले इस सम्मान से पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद, डॉ एस राधाकृष्ण, डॉ जाकिर हुसैन और विवि गिरी को सम्मानित किया जा चुका है।


सम्मान

1984 में सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री

1997 में सर्वश्रेष्ठ सांसद

2008 में पद्म विभूषण

2019 में भारत रत्न

✍🏻 सूर्याकांत शर्मा

                       

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