स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार के इन जिलों ने निभाई थी अहम भूमिका - Bihari karezza - Khabre Bihar Ki

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शनिवार, 15 अगस्त 2020

स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार के इन जिलों ने निभाई थी अहम भूमिका

आईये जानते हैं बिहार के कुछ जिलों के बारे में जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में दिया था। अहम योगदान।


Indian flag Tiranga


1.बेगूसराय :-  17 अगस्त 1942 को बछवाड़ा गांव  के समीप तिरंगा लिए स्वतंत्रता सेनानियों की  भीड़ थी। उससे 500 मीटर दूर रेलवे लाइन पर अंग्रेज सिपाही हाँथो में बन्दूक लिए खड़े थे। उमाकांत चौधरी जो 20 वर्ष के थे। वह इंकलाब जिंदाबाद और अंंग्रेजों भारत छोड़ो के नारे लगा रहे थे। नारेबाजी कर रहे उन निहत्थे लोगों पर अंग्रेज सिपाहियों ने फायरिंग करना शुरू कर दिया। उमाकांत चौधरी ने गोली लगने के बावजूद अंग्रेज सिपाहियों के गोली का जवाब उन्होंंने तिरंगे   को लहराते हुए इंकलाब जिंदाबाद के नारा लगाते रहे और अंत में तिरंगा गाड़ते हुए आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया।

 2. सारण :-  सारण के लोगों ने 1857 केे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेे पहले ही अंंग्रेजों के खिलाफ जंग छेड़ चुके थे। हुस्सेपुर के युवराज  फतेशाही के हाँथों में सारण की स्ववतंत्रता संग्राम की कमान 1775 से लेकर 1785 तक रही। बाबू  कुंवर सिंह का    सारण के लोगों ने खूब साथ दिया। छपरा का खंजाची महल आज  भी उस क्रांति की यादें ताजा करती हैै। 10 अगस्त 1942 तक  पूरे सारण में येे क्रांति फैैैल  चूकि थी। 13 अगस्त 1942 को क्रांतिकारीयों पर अंग्रेजों ने हमला कर दिया। जिसमें   महेश्वर सिंह शहीद हो गये थे।

  3.पूर्णिया :-  आजादी के ठीक बाद यहां स्वतंत्रता सेनानी   रामेश्वर सिंह ने तिरंगा झंडा फहराया था। उन्हीं की परम्परा को  हर साल तिरंगा फहरा कर निभाया जााता है। वाघा बॉर्डर के बाद यह देश की दूसरी जगह जहां 14 कि रात 12:01 मीनट पर  जैसे ही 15 अगस्त होती है। यहाँ  तिरंगा फहराया जााता हैै।

4. गोपालगंज :-  यहाँ बैकुुंठपुर थाना को स्वतंत्रता सेनानियों ने जला  दिया था। और उस पर तिरंगा फहराया था। 6 स्वतंत्रता सेनानियोंं को सेंट्रल जेल भेजा गया था। जहाँ से सजा काटने के बाद स्वतंत्रता सेनानियों द्वरा फिर से आंदोलन शुरू कर दिया गया था। इस आंदोलन मेंं 2 दर्जन से ज्यादा आंदोलनकारियों ने भाग लिया था। इसमें अहम भूमिका निभाने वाले देवनंदन सिंह, सूर्यवंश मिश्रा, शिवनाथ तिवारी,गया राय, टुकर सिंह, नगीना सिंह, शिवबचन त्रिवेदी, सत्यनारायण वर्मा,सत्यनारायण प्रसाद ,लालदेव सिंह, मोहर सिंह, बाबू राम ठाकुर और बाबू ठाकुर  सिंह के हाँथो में अंग्रेजों ने कील ठोक दिया था।

  ✍🏻 सूर्याकांत शर्मा

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