Sushant Singh Case: फेलियर CBI अफसर को सौंपा गया है जांच का जिम्मा, नारुणा और ब्रह्मेश्वर हत्याकांड का अब तक नहीं कर पाए है खुलासा - पप्पू यादव - Bihari karezza - Khabre Bihar Ki

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शनिवार, 8 अगस्त 2020

Sushant Singh Case: फेलियर CBI अफसर को सौंपा गया है जांच का जिम्मा, नारुणा और ब्रह्मेश्वर हत्याकांड का अब तक नहीं कर पाए है खुलासा - पप्पू यादव

 बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. सीबीआई मामले की जांच में जुट गई है. लेकिन जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव मामले की जांच कर रहे CBI अफसर की भूमिका पर ही सवाल खड़ा करने लगे हैं. उनका कहा है कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में राजनीति का विचित्र नाटक किया जा रहा है. उनका मानना है कि एक फेलियर अफसर को इस केस में जांच के लिए लगाया गया है.


Pappu yadav in sushant singh case


पप्पू यादव ने कहा, " रिया चक्रवर्ती मर्डरर है, इसमें कोई बहस नहीं है. इस केस में सिर्फ अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ही नहीं है. सुशांत की मौत के पीछे कई पार्टियों के नेता भी शामिल हैं. इसके अलावा अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग भी इस हत्याकांड के पीछे हैं. सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के पीछे किसका हाथ है, इसकी भी अच्छे से जांच होनी चाहिए."

उन्होंने कहा, " इस केस में रिया चक्रवर्ती को केंद्रित किया जा रहा है, जबकि सुशांत की मौत के पीछे कई बड़ी मछलियां हैं. मैं बॉलीवुड इंडस्ट्री की गैंग से आजादी चाहता हूँ. बॉलीवुड इंडस्ट्री में सभी दलों के नेताओं की भागीदारी है. अंडरवर्ल्ड के लोगों की मिलीभगत है. सब लोग शामिल हैं."

पप्पू ने कहा, " महाराष्ट्र सरकार ने इस केस को समाप्त कर दिया. बहुत पहले ही इस केस को सीबीआई को देने की जरूरत थी." बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि डीजीपी को तो बिहार के लोगों को न्याय दिलाना चाहिए. माफियाओं और अपराधियों ने नाक में दम कर रखा है.

उन्होंने कहा, " सुशांत की मौत के बाद से लगातार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की जा रही है. डेढ़ महीने तक सरकार कहां थी? क्या सबूत मिटाने की कोशिश की गई? सुशांत सिंह राजपूत के हत्यारों को बचाने की कोशिश की जा रही है." पप्पू यादव ने कहा कि जिस सीबीआई अफसर को इस केस में जांच का जिम्मा सौंपा गया है, वह फेलियर है. इसी अफसर को भागलपुर सृजन घोटाला, मुजफ्फरपुर नारुणा केस और आरा के ब्रम्हेश्वर मुखिया हत्याकांड का जिम्मा सौंपा गया था. इन सभी मामलों में आजतक कोई खुलासा नहीं हो पाया.



उन्होंने कहा, " पटना हाईकोर्ट के जज की मॉनिटरिंग में इस केस की जांच होनी चाहिए. इतना ही नहीं 3 महीने के भीतर हत्यारों को सलाखों के पीछे डालना चाहिए."


न्यूज़ डेस्क

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