ओवुलेशन स्पॉटिंग के लक्षण और कारण - गर्भवती होने का सही समय - Bihari karezza - Khabre Bihar Ki

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मंगलवार, 25 अगस्त 2020

ओवुलेशन स्पॉटिंग के लक्षण और कारण - गर्भवती होने का सही समय

 कुछ महिलाओं को ओवुलेशन के आसपास बहत ही हल्की ब्लीडिंग का अनुभव हो सकता है जिसे हम ओवुलेशन स्पॉटिंग या हल्का रक्तस्राव कहते हैं। परन्तु हर महिला ओवुलेशन स्पॉटिंग का अनुभव नहीं करेगी। ओवुलेशन, तब होता है जब आपका अंडाशय एक अंडा जारी करती हैं। यह केवल 3 प्रतिशत महिलाएं दो मासिक धर्म चक्रों के बीच में स्पॉटिंग का अनुभव करती हैं।

 Ovulation



ओवुलेशन स्पॉटिंग के कारण

ओवुलेशन स्पॉटिंग के कारण, ओवुलेशन के दौरान तेजी से होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के कारण ओवुलेशन स्पॉटिंग हो सकती है। एक अध्ययन में, ओवुलेशन के आसपास उन महिलाओं में ल्यूटियल प्रोजेस्टेरोन और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन के उच्च स्तर को देखा गया जिन्होंने ओवुलेशन रक्तस्राव का अनुभव किया था। ओवुलेशन स्पॉटिंग के अन्य कारणों में शामिल हैं:

ओवुलेशन के दौरान, एस्ट्रोजेन का स्तर कम होने के कारण, गर्भाशय की परत की मोटाई कम हो जाती है क्योंकि यह लाइनिंग को बहाना शुरू कर देता है। यह ओवुलेशन के दौरान रक्तस्राव का कारण बन सकता है। जब एक अंडा रिलीज होता है, तो मेच्युर फोल्लिकल अंडाशय से फट कर बाहर निकलता है, जिससे रक्तस्राव हो सकता है।

 

ओवुलेशन स्पॉटिंग की पहचान

यदि आप अपने दो मासिक धर्म चक्रों के बीच में स्पॉटिंग नोटिस करती हैं, तो यह ओवुलेशन स्पॉटिंग हो सकता है। स्पॉटिंग हल्का योनि रक्तस्राव है, जो आपके नियमित माहवारी के दौरान नहीं, बल्कि उसके बाहर होता है। आमतौर पर, यह रक्तस्राव आपकी माहवारी के दौरान होने वाले रक्तस्राव से बहुत हल्का होता है। कुछ महिलाओं में ओवुलेशन स्पॉटिंग हल्के गुलाबी या लाल रंग के रूप में होती है। गुलाबी धब्बा एक संकेत है कि रक्त में सर्विकल फ्लुइड भी मिला हुआ है। महिलाएं आमतौर पर ओवुलेशन के समय अधिक सर्विकल फ्लुइड का उत्पादन करती हैं। ओवुलेशन स्पॉटिंग आमतौर पर एक या दो दिन तक रहती है।

 

ओवुलेशन स्पॉटिंग कब होता है

ओवुलेशन आमतौर पर आपकी माहवारी के पहले दिन के बाद 11 और 21 दिनों के बीच कभी भी हो सकता है, हालांकि यह आपके

मासिक चक्र की लंबाई के आधार पर जल्दी या बाद में भी हो सकता है। एक महिला को, मासिक चक्र के दौरान, कई बार ओवुलेशन हो सकता है और हर महीने एक अलग दिन भी ओवुलेशन हो सकता है। यदि आप दो मासिक धर्म चक्रों के बीच माहवारी मे गंभीर रक्तस्राव और दर्द का सामना करती हैं तो यह गंभीर जटिलताओं का सूचक हो सकता है। यदि रक्तस्राव एक से अधिक बार हो चुका है, तो यह संभव है कि यह ओवुलेट का संकेत नहीं है। गर्भाशय में पॉलीप्स और एंडोमेट्रियोसिस आदि अन्य समस्या रक्तस्राव का कारण हो सकती है। ऐसे में आपको अल्ट्रासाउंड और हिस्टेरोस्कोपी टेस्ट करने और सही निदान के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी ज़रूरी होगी।

 

ओवुलेशन रक्तस्राव और प्रेग्नेंसी

ओवुलेशन को ट्रैक कर गर्भवती होने के अवसर को बढ़ाया जा सकता है। यदि आप गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं और यदि आपको ओवुलेशन रक्तस्राव दिखाई देता है, तो इस समय के आसपास गर्भधारण करने की कोशिश करना आदर्श हो सकता है। ओवुलेशन रक्तस्राव आपकी प्रजनन क्षमता को दिखाता है, यह आपके लिए गर्भाधारण के लिए प्रयास करने का सबसे अच्छा समय है। ओवुलेशन स्पॉटिंग बहुत कम महिलाओं में होती है। आप स्पॉटिंग का अनुभव किए बिना भी ओव्यूलेट कर सकती हैं। यदि आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं, तो अपने मासिक धर्म चक्र को ट्रैक करें और ओवुलेशन के अन्य संकेतों को देखें जैसे कि शरीर के तापमान में परिवर्तन। 

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