फिल्म रिव्यु: खाली-खाली सी है मक़बूल खान की फिल्म 'खाली पीली' - Bihari karezza - Khabre Bihar Ki

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शनिवार, 3 अक्तूबर 2020

फिल्म रिव्यु: खाली-खाली सी है मक़बूल खान की फिल्म 'खाली पीली'

 आपुन का व्हाट लगा कर रख रहेला है इस तरह के बम्बइया लहजा हमने बहुत से फिल्मों के संवादो में सुना है। एक बार फिर से डायरेक्टर मक़बूल खान ने इसी लहजे भरे संवादो की पेशकश अपने फिल्म 'खाली पीली' में  की है।



Ananya pandey and Ishan khatter



फिल्म की कहानी जेल से निकलते ब्लैकी(ईशान खट्टर) से और उसे लेने आती है पूजा(अनन्या पांडे) ब्लैकी एक चोर रहता है। या फिल्मी अंदाज में उसे टपोरी कह लीजिए जो बचपन में अपने बाप के साथ मिलकर ज्वैलरी की दुकान लुटता है। लेकिन दोनों पकड़े जाते हैं। और ब्लैकी का बाप उसे छोड़ कर भाग जाता है। फिर ब्लैकी टैक्सी चलाने लगता है। एक दिन सारे ऑटो चलाने वाले कि स्ट्राइक रहती है। लेकिन वो पैसे का प्यासा रहता है। और ज्यादा पैसे मिलने पर वो सवारी चढ़ा लेता है। स्ट्राइक वालों और उसके बीच भगा-दौड़ी शुरू हो जाती है। इसी बीच उसकी मुलाकात पूजा(अनन्या पांडे) से होती है। जो एक देह व्यापार वाली जगह से कुछ ज्वैलरी और पैसे लेकर भागती है और उसके पीछे कुछ गुंडे पड़े होते हैं। वह ब्लैकी की टैक्सी में बैठती है। फिर शुरू होता है दोनों का टैक्सी में प्यार भरी केमेस्ट्री।


रिव्यु

फिल्म की कहानी काफी हद तक सही है। लेकिन इसकी स्क्रिप्ट में कमी दिखती है। कहानी शुरू में रफ्तार पकड़ती है लेकिन फिर फ्लैश बैक में चली जाती है फ्लैश बैक की संख्या कुछ ज्यादा ही है। जिससे कहानी का जो फ्लो है वो खत्म होने लगता है और फिल्म उबाऊ लगने लगती है। फिल्म की इस कमी को अगर कोई चीज भरने का काम करती है तो वो है इस फिल्म का संवाद और ईशान खट्टर का अभिनय सिमा अग्रवाल और यश केसवानी की तारीफ करनी होगी कि वे संवाद के जरिए फिल्म की कमियों को कुछ हद तक भरने में कामयाब रहे हैं। बात अगर अभिनय की करें तो ईशान खट्टर  टपोरी अंदाज और दिए गए संवाद के रस में डूबते हुए नजर आए हैं। लेकिन अनन्या पांडे दिए गए किरदार में समाती नजर नहीं आतीं हैं। आप उनमें मुम्बई की रेड लाइट के नाम से मशहूर एरिया कमाठीपुरा की लड़की की झलक नहीं देख पाएंगे। लेकिन दोनों ने फिल्म का गाना 'दुनिया शर्मा जाएगी' पे अपने डांस से प्रभावित किया है। सतीश कौशिक ने दर्शकों को कुछ जगह पे हँसने का मौका दिया है और जाकिर हुसैन भी पुलिस वाले के किरदार में अच्छे लगे हैं। कोरियोग्राफी अच्छी रही है बात करे डायरेक्शन की तो वो भी मिला जुला रहा है।

 अगर आप खाली बैठे हो तो इस फिल्म से आपका थोड़ा मनोरंजन तो हो ही जाएगा।


✍️✍️  सूर्याकांत शर्मा  ✍️✍️

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