देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा मनाई गई - Bihari karezza - Khabre Bihar Ki

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गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा मनाई गई

देश के विभिन्न हिस्सों में बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा पूरे उत्सव के साथ मनाते हुए देखा गया. लोग, विशेष रूप से छात्र इस अवसर पर ज्ञान और ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा पूरे उल्लास के साथ करते हैं. महामारी को देखते हुए इस वर्ष पूजा में भागीदारी समान्य से थोड़ी कम रही. परन्तु इस दौरान भी हर जगह धर्मिक उत्साह के साथ सरस्वती पूजा मनाई गई।



बसंत पंचमी-  बसंत पंचमी वसंत के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है. बसंंत का अर्थ है, वसंत और पंचमी का अर्थ है, पाँचवा दिन या माघ मास में शुुक्ल पक्ष की पंचमी. इस दिन को सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है. और ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा की जाती हैं।
क्षेत्र-  वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा बंगाल, ओडिशा, उत्तर भारतीय राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश में अधिक लोकप्रिय हैं। इस दिन हिंदू मंदिरों में जाते है और देवी सरस्वती से प्रार्थना करते हैं और उनकी पूूूजा अर्चना करते है. जैसा कि माँ सरस्वती विद्या की देवी है तो इसकी पूजा ज्यादातर स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इत्यादि जगहों पर होती है. उस संस्थानों में माँ सरस्वती की प्रतिमा बैठती है, बच्चें पूरे तन मन से धूम धड़ाके के साथ माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं। 









और साथ ही भारत के उत्तरी भागों में सरसों के खेतों के रूप में पुरूष, महिलाएं और बच्चें पीले रंग के वस्त्र पहनते हैं, देवी सरस्वती को पीले फूल अर्पित किए जाते है और घरों में मीठे पकवान, लड्डू, राजभोग और खिचड़ी जैसे पीले व्यंजन तैयार किए जाते हैं।


✍️पूजा गुप्ता✍️

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