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बुधवार, 13 अक्तूबर 2021

बिहार के युवाओं ने किया कमाल, प्लास्टिक कचरे से बना दिया पेट्रोल

 

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प्लास्टिक को कैसे उपयोग में लाया जाए इसके लिए कितने सारे रिसर्च किये गए। राष्ट्रीय से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक इसके लिए तमाम प्रयास किये जा रहे हैं। आखिरकार इसमें सफलता हासिल हुई। रिसर्च के बाद बचे प्लास्टिक का उपयोग पेट्रोल व डीजल बनाने के लिए किया जायेगा।इसके लिए देश के तमाम जगहों पर फैक्ट्री लगनी शुरू हो गई। इसी सन्दर्भ में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भी प्लास्टिक कचरे से पेट्रोल व डीजल बनाने की फैक्ट्री लगाई गई जो 25 अक्टूबर से उत्पादन शुरू भी कर देगी। इसकी उद्घाटन राज्य के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन करेंगे। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। फैक्ट्री में रोजाना दो सौ किलो प्लास्टिक कचरा से 175 लीटर डीजल व पेट्रोल तैयार हो सकेगा।


ऐसे तैयार किया जायेगा ईंधन –

फैक्ट्री में लगी मशीनों की मदद से प्लास्टिक कचरों को पहले इथेन में बदला जाएगा। फिर इथेन को आइसो ऑक्टेन में तब्दील कर पेट्रो केमिकल निकाला जाएगा। एक लीटर पर 45 रुपये लागत आएगी। नगर निगम के स्तर से फैक्ट्री को प्लास्टिक कचरा उपलब्ध कराया जाएगा। पहले से गीला कचरा से नगर निगम के स्तर से जैविक खाद बनाया जा रहा है। इसके लिए चंदवारा, सिकंदरपुर व कंपनीबाग में पिट स्थापित है।


स्थानीय युवा मिलकर करेंगे संचालन-

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक परिमल कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत फैक्ट्री खोली जा रही है। इसके लिए तमाम तैयारी पूरी की जा चुकी है। फैक्ट्री का संचालन स्थानीय युवाओं की टीम द्वारा किया जायेगा। टीम में आशुतोष मंगलम, शिवानी, सुमित कुमार, अमन कुमार व मो. हसन आदि शामिल हैं। कचरा से पेट्रोल बनाने का पूरा कॉन्सेप्ट आशुतोष मंगलम का है। इंडियन स्टैटिकल इंस्टिट्यूट में सेकेन्ड पार्ट के छात्र मंगलम पांच सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसके लिए ग्रैविटी एग्रो एन्ड इनर्जी नामक की संस्था बनाई गयी है जो कचरे से पेट्रोलियम बनाने पर रिसर्च करती है।


प्लांट लगाने के लिए सरकार की ओर से 28 लाख का मिला लोन-

आशुतोष मंगलम मुजफ्फरपुर के खरौना गांव के निवासी हैं। अपने गांव में प्लांट लगाने के लिए उन्होनें अपनी पैत्रिक जमीन दी है। किसान के बेटे मंगलम ने कहा कि प्लांट लगाने के लिए उसे सरकार की ओर से 28 लाख का लोन मिला है। इस प्रोजेक्ट को लगाने में जमीन के अलावे करीब 30 लाख का खर्च आ रहा है। प्लांट लगाने में जिला उद्योग केन्द्र के जीएम परिमल कुमार सिन्हा और पूर्व नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने काफी सहयोग किया।

✍️शुभम सिंह

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