12 फरवरी का इतिहास: आज के दिन गंगा नदी में विसर्जित की गई थीं बापू जी का आस्तियां। - Bihari karezza - Khabre Bihar Ki

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शनिवार, 12 फ़रवरी 2022

12 फरवरी का इतिहास: आज के दिन गंगा नदी में विसर्जित की गई थीं बापू जी का आस्तियां।

 आज 12 फरवरी है साल के दूसरे महीने का यह 12 वा दिन इतिहास में अपनी ये एक खास जगह रखता है। आज के दिन देश दुनिया में ऐसी कई घटनाएं हुई थी जिसको जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।


#तो आइए नजर डालते है आज के इतिहास पर!

महात्मा गांधी के मृत्यु के बाद 13 वा दिन  यानी की 12 फरवरी 1948 को उनकी अस्तिवो को देश के विभिन्न हिसो में अलग अलग पवित्र सरोहरो में विसर्जित किया गया था। एक कलश को इलाहाबाद के गंगा नदी में विसर्जित किया गया था। इस मौके पर दस लाख से जादा लोगो ने नर्म आखों से साबरमती के इस संत को अंतिम विदाई दी थी।



नेशनल गैलरी ऑफ नार्वे से चोरों ने नार्वे के महान चित्रकार एडवर्ड मंक की विख्यात पेंटिग द स्क्रीन को आज के दिन 12 फरवरी 1994 को चूरा लिया था। हालाकि बाद मे इस पेंटिग को बरामद कर लिया गया था। 

                                (अमर्त्य सेन)

भारत के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को आज के दिन 12 फरवरी 2009 मे Cambridge University ने delete के उपाधि से सम्मानित करने की घोषणा की थी। अर्थशास्त्र के जानकार अमर्त्य सेन का जन्म साल 1933 मे पश्चिम बंगाल में हुआ था। भारत के वैज्ञानिको ने आज के दिन 12 फरवरी 2009 में विश्व का पहला भैंस क्लोन विकसित करने में सफलता हासिल की थी।

ये भारतीय विज्ञानिको की बड़ी उपलब्धि थी । हरियाणा के करनाल स्थित स्थान में कटरा क्लोन तेयार किया गया था।

✍️ स्वीटी शर्मा....

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