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रविवार, 13 फ़रवरी 2022

डिजिटल सेवाओं से मजबूत होता होता है स्वास्थ्य तंत्र

 भारत समेत पूरा विश्व अभी कोरोना संकट से उबर नहीं पाया है। कोविड_19 विषा ओमिक्रोन की नई सकल में एक बार पुन: सरकार, स्वास्थ्य और जन समक्ष चुनौती खड़ी कर रही हैं।










हालकि, हर संकट अपने साथ कुछ संभावनाएं अवसर लेकर आता है। इस कथन को स्वास्थ्य छेत्र में तकनीक और नवाचार ( innovation ) के अनुप्रयोगों के जरिए भारत ने अनुप्रमाणित किया है । भगोलिक और जनसाखिकी विविधताओ के बावजूद भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं मे डिजिटल संधाधनों का जिस तरह समा वेश किया है, उससे ग्रामीण भारत तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुगम हो रही है । वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य बेहतर होने से लोगों  के जीवन सतर में परिवर्तन देखने को मिल रहा है ।


आयुषमन भारत डिजीटल मिशन:


















आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन हर भारतीय नागरिक को एक समावेशी डिजिटल बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए एक पहल है । स्वास्थ्य और परिवार मंत्रालय के तहत आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के उद्देश्य भारत में गुणवतापूर्ण, सस्ती और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक सिस्टम शामिल है:

हेल्थ_आईडी,  डिजीडॉकटर,  हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री,  व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड,  ई_फर्मेशी,  टेलीमेडीसिन, 

ये नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से समय पर सुरक्षित और सस्ती स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को सक्षम करेंगे।


आयुष्मान। भारत का डिजितल आधार:









स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत_प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ( पीएम_जेएवाई ) की वजह se जो अभूतपूर्ण बदलाव आ रहे हैं, उससे लोगों के जीवन में स्वास्थ्य व स्मृदि की नई ऊर्जा का संचार हो रहा है । नेशनल हेल्थ अर्थोरिटी के मिताबिक इस योजना के अंतर्गत 17.33 करोड़ आयुष्मान ई_कार्ड जारी किए जा चुके हैं । इस कार्ड से बीपीएल परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रूपये तक के नि: शुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है । योजना के प्राथमिक हितग्राही ग्रामीण जन हैं । पीएम_जेएवाई में अपना नाम जानने , आयुष्मान कार्ड बनवाने , अस्पतालो की जानकारी लेने समेत सभी सुविधाएं मोबाइल के द्वारा लोगों को प्राप्त हो रही हैं । आयुष्मान भारत डिजिटल योजना के माध्यम से देश के नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है । इसके अंतर्गत नागरिकों को एक आयुष्मान भारत  हेल्थ अकाउंट ( आभा ) प्रदान किया जाता है ।  इसे आप एक ऐसा स्वास्थ्य पहचान_पत्र कह सकते हैं जिसमें नागरिकों की सेहत से जुड़ी पूरी जानकारी संग्रहित होता है । इसमें स्वास्थ्य निजता का उल्लंघन न हो, इसकी पूरी गोपनीयता सुनिश्चित की गई है ।  इस अकाउंट व पहचान पत्र को डॉक्टरों द्वारा संबंधित व्यक्ति की सहमति से ही देखा जा सकता है


सेहत का बहीखाता : आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंड








स्वाथ्य सेवाओं को लेकर शहर और गांव के बीच क्षेत्रीय विषमता नीति निर्धारकों के लिए बड़ी चुनौती रही है इस चुनौती में समाधान के क्रम में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का जन जन तक पहुंचाने का उद्देश्य से 15 अगस्त 2020 को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन प्रारंभ किया गया । 27 सितंबर 2021 को इस योजना को पूरे देश में लागू किया गया । इस योजना का सबसे अधिक लाभ गांव में रहने वाले परिवारों को मिलेगा। आयुष्मान भारत  डिजिटल मिशन योजना के माध्यम से देश के नागरिकों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नागरिकों को एक आयुष्मान भारत हैल्थ अकाउंट ( आभा ) प्रदान किया जाता है ।  इसे आप एक ऐसा स्वास्थ्य पहचान पत्र कह सकते हैं जिसमें नागरिकों की सेहत से  उल्लंघन  न हो  इसकी पूरी गोपनीयतासुनिश्चित की गई है । इस एकाउंट व पहचान पत्र को डॉक्टरों द्वारा संबंधित व्यक्ति की सहमति से ही देखा जा सकता है ।



✍️ स्वीटी शर्मा......






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