ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने बनाया 'कृत्रिम सूर्य': असली से 10 गुना अधिक गर्म, धरती पर सस्ती और साफ ऊर्जा मिलने का रास्ता होगा आसान - Bihari karezza - Khabre Bihar Ki

Breaking

शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2022

ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने बनाया 'कृत्रिम सूर्य': असली से 10 गुना अधिक गर्म, धरती पर सस्ती और साफ ऊर्जा मिलने का रास्ता होगा आसान

 

ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने बनाया 'कृत्रिम सूर्य': असली से 10 गुना अधिक गर्म, धरती पर सस्ती और साफ ऊर्जा मिलने का रास्ता होगा आसान



ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने 'कृत्रिम सूर्य' बनाने का दावा किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस तकनीक की मदद से सितारों जैसी ऊर्जा का दोहन किया जा सकेगा और धरती पर सस्ती व साफ ऊर्जा मिलने का रास्ता साफ होगा।


वैज्ञानिकों ने कहा कि उन्होंने एक ऐसा रिएक्टर बनाने में सफलता हासिल की है जो सूर्य की तकनीक पर न्यूक्लियर फ्यूजन करता है, जिससे अपार ऊर्जा निकलती है। दरअसल, न्यूक्लियर फ्यूजन वही प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल सूर्य जैसी गर्मी पैदा करने के लिए होता है। जेट फ्यूजन रिएक्टर अपने ईंधन को लगभग 150 मिलियन डिग्री तक गर्म करता है, जो कि सूर्य से लगभग दस गुना अधिक गर्म है।


यह न्यूट्रॉन के उत्सर्जन के कारण ढाई मीटर मोटी कंक्रीट में घिरा हुआ है। इस प्रयोग के दौरान रिएक्टर से पांच सेकंड तक 59 मेगाजूल ऊर्जा निकली। आमतौर पर इतनी मात्रा में ऊर्जा पैदा करने के लिए 14 किलो टीएनटी का इस्तेमाल करना पड़ता है। परमाणु संलयन तकनीक में ठीक उसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है जो सूर्य गर्मी पैदा करने के लिए करता है।


1997 के बाद सफल हुआ दूसरा प्रयोग
नवीनतम परीक्षणों के परिणामस्वरूप 59 मेगाजूल निरंतर ऊर्जा का उत्पादन हुआ। इतनी ऊर्जा पांच सेकेंड में 60 केतली उबालने के लिए पर्याप्त है। यह ऊर्जा 1997 में इसी तरह के परीक्षणों में हासिल की गई तुलना से दोगुने से भी अधिक है। ऑक्सफोर्ड के पास स्थित संयुक्त यूरोपीय टोरस (जेईटी) प्रयोगशाला के वैज्ञानिक इस प्रक्रिया पर 1980 के दशक से काम कर रहे हैं। परियोजना का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर इयान ने कहा, 'संलयन सूर्य की शक्ति का मूल स्रोत है। हम लंबे समय से उस शक्ति को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह मशीन एक प्रयोग है लेकिन हम यह साबित करने के बहुत करीब हैं कि यह बड़े पैमाने पर काम कर सकता है। फ्यूजन जलवायु परिवर्तन के खिलाफ हमारी लड़ाई का एक बड़ा हिस्सा है।'

स्वीटी शर्मा ✍️


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपना सुझाव यहाँ लिखे