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गुरुवार, 17 फ़रवरी 2022

लालू प्रसाद व तेजस्वी यादव पर राजद के पूर्व विधायक ने लगाए गंभीर आरोप, एमएलसी चुनाव पर कही यह बात

 

चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिए जाने के बाद बिहार का राजनीतिक माहौल थोड़ा बदल गया है। बावजूद बिहार एमएलसी चुनाव 2022 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही है। राजद की ओर से इस चुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है। इसके बाद जहां कांग्रेस नाराज है वहीं पार्टी के अंदर भी कोहराम की स्थिति है। एक पूर्व विधायक ने पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके आरोप के बाद माना जा रहा है कि मिथिलांचल में राजद के लिए परेशानी थोड़ी बढ़ सकती है।









विश्वासघात करने का आरोप


राजद की ओर से एमएलसी चुनाव में मधुबनी सीट के लिए मेराज आलम को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद हंगामा बरपा है। यहां से पूर्व विधायक गुलाब यादव ने बगावती तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने न केवल अपनी पत्नी अंबिका गुलाब यादव को निर्दल उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा की है वरन पार्टी के शीर्ष नेताओं पर कई आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व तेजस्वी यादव ने उन्हें इस चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा था। उनके आश्वासन के बाद हमलोग दिन-रात मेहनत करके जनसंपर्क अभियान चला रहे थे। अब दूसरे प्रत्याशी को टिकट देने की घोषणा की गई है। यह विश्वासघात है। गुलाब यादव ने कहा कि एक साजिश के तहत अपेक्षाकृत कमजोर उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है। वे एनडीए को हराने में कहीं से भी सक्षम नहीं हैं। भाजपा-जदयू को हराने के लिए ही हमने अंबिका गुलाब यादव को निर्दल चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है। उनकी जीत सुनिश्चित है।


एनडीए को फायदा पहुंचा रहे लालू-तेजस्वी


पूर्व विधायक ने कहा कि राजद ने एक कमजोर प्रत्याशी को मैदान में उतारा। यह एक साजिश है। एनडीए को फायदा पहुंचाने के लिए लालू प्रसाद व तेजस्वी यादव ने यह काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय निकाय कोटे से होने वाले विधान परिषद चुनाव में बदालव की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि पंचायत चुनाव दलगत आधार पर नहीं हो रहे तो फिर इसको दलीय आधार पर क्यों कराया जा रहा है? इसमें दलीय आधार को खत्म कर देना चाहिए। इसके बाद ही सही रूप में इन पंचायत जनप्रतिनिधियों की सहभागित हो सकेगी। उनके हक मिल पाएंगे। कई लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकेगा।


प्रतिभा सिंह ✍️

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